Friday, November 14, 2008


Pleasure and Release
This entire universe is there to give you pleasure and release. Whatever gives you pleasure should also give relief. Otherwise, the very pleasure becomes pain. यह सम्पूर्ण विश्व यहाँ तुम्हें प्रसन्नता और मुक्ति देने के लिए है. जो कुछ भी तुम्हे प्रसन्नता देता है मुक्ति भी देगा. अत्तैव, वहि प्रसन्नता दर्द बन जाती है.

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