Monday, June 2, 2008


You Can Choose
Thoughts simply arise---but you choose to act or not act। This is what awareness brings in you. If you are not aware, you simply act on the strongest impulse or strongest thought.

विचार तो उठते ही है ---परन्तु तुम चुनते हो की उन पर कार्य करना है या नहीं करना है । ये सजगता ही तुम मैं लाती है । यदि तुम सजग नहीं हो, तुम साधारणतया मजबूत प्रेरणा या मजबूत विचार पर कार्य करते हो ।

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