Wednesday, September 10, 2008


Nothing But You -- Pt 2
Whether the bark or the thorn, Or the root or in the mud, Your face is reflected, Smiling and dancing and laughing and singing. It's all You, it's all You, it's all You.

चाहे तना हो या कांटे, या तो जडा या मिटटी मैं, तुम्हारा ही चेहरा प्रतिबिंबित होता है, मुस्कुराते और नाचते और हँसते और गाते. तुम ही तो हो, तुम ही तो हो, तुम ही तो हो.

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